मजबूर पिता के आंखों के सामने से 21 साल की बेटी को तालिबानी उठा ले गए, बोले हम इस्लाम के है रक्षक!

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दोस्तों काबुल पर कब्जे के साथ ही तालिबान के लड़ाके बेकाबू हो गए हैं। उन्हें जो महिला पसंद आती है, उसे उठाकर अपने साथ ले जाते हैं। पिछले कुछ दिनों में ही इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। तालिबान की वापसी के बाद अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की जिंदगी नरक से बदतर हो गई है। तालिबानी आतंकी घर-घर जाकर 15 साल से बड़ी लड़कियों को जबरन उठाकर उनसे शादी कर रहे हैं। इतना ही नहीं कई लड़कियों को दूसरे देशों में बेचा भी गया है।

हाल ही में तालिबानी बदख्शां प्रांत के एक गांव पहुंचे और पिता की आंखों के सामने उसकी बेटी को अपने साथ ले गए। मजबूर पिता ने बेटी को बचाने की लाख कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। ‘द सन’ ने पत्रकार होली मैके के हवाले से बताया है कि तालिबानी लड़ाके घर-घर जाकर अपने लिए दुल्हन खोज रहे हैं। उन्हें जो लड़की पसंद आ जाती है, उसे अपने साथ ले जाते हैं। युवा अफगानी फरीहा ईजर की एक दोस्त के साथ भी यही हुआ। फरीहा ने पत्रकार मैके को बताया कि कुछ आतंकी बदख्शां प्रांत में रहने वाली उसकी दोस्त के घर पहुंचे और उसे जबरन अपने साथ ले गए।

आतंकियों ने लड़की के पिता से कहा कि वो इस्लाम के रक्षक हैं और उन्हें पत्नी के रूप में उनकी लड़की चाहिए। तालिबानियों ने यह भी कहा कि उनका एक साथी मुल्ला है, इसलिए वो शादी के लिए तुरंत अपनी लड़की सौंप दें। घबराए पिता ने डिस्ट्रिक्ट गवर्नर से मदद की गुहार लगाई, लेकिन निराशा हाथ लगी। पिता से कहा गया कि जो करना है, वो खुद करें। इसके बाद तालिबानी मजबूर पिता की 21 वर्षीय लड़की को अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद पिता अपनी दूसरी बेटी को लेकर कहीं गायब हो गया। फरीहा ईजर को अब नहीं पता कि उनकी दोस्त और उसका परिवार कहां है।